विशाखापट्टनम। गूगल आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में एशिया का सबसे बड़ा डेटा सेंटर बनाने जा रहा है, जिसकी क्षमता 1 गीगावॉट होगी—जो भारत में वर्तमान कुल डेटा सेंटर क्षमता (1.4 गीगावॉट) के लगभग बराबर है। रायटर्स के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट में गूगल ₹50,000 करोड़ निवेश करेगा, जिसमें से ₹16,000 करोड़ रिन्युएबल एनर्जी फेसिलिटी पर खर्च होंगे, जिससे इस डेटा सेंटर को बिजली दी जाएगी। राज्य सरकार ने भी 1.6 गीगावॉट क्षमता वाले डेटा सेंटर निवेश को मंजूरी दे दी है और अगले 5 वर्षों में 6 गीगावॉट क्षमता तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है। आईटी मंत्री नारा लोकेश ने बताया कि यहां तीन केबल लैंडिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे, जिससे हाई-स्पीड डेटा ट्रांसफर संभव हो सकेगा। डेटा सेंटर बड़ी कंपनियों के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की रीढ़ होते हैं, जहां यूजर्स का डेटा तीन लेयर (मैनेजमेंट, वर्चुअल और फिजिकल) में प्रोसेस होकर सुरक्षित रूप से स्टोर किया जाता है। साइबर अटैक से सुरक्षा के लिए इन सेंटरों में अब आधुनिक टेक्नोलॉजी, बैकअप सिस्टम और डिजास्टर रिकवरी जैसी एडवांस सुविधाएं लगाई जाती हैं।
गूगल बनाएगा एशिया का सबसे बड़ा डेटा सेंटर, ₹50,000 करोड़ का निवेश




