दिल्ली। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट 2006 मुंबई सीरियल ट्रेन ब्लास्ट केस की सुनवाई करेगा, जिसमें महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट के सभी 12 आरोपियों को बरी करने के फैसले को चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने सबूतों की कमी और जांच की खामियों के चलते इन्हें दोषी मानने से इनकार कर दिया था। 11 जुलाई 2006 को मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए सात धमाकों में 189 लोगों की मौत हुई थी और 824 घायल हुए थे। कोर्ट ने माना कि जांच में गंभीर तकनीकी गलतियां हुईं और आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश नहीं किए जा सके। 2015 में स्पेशल कोर्ट ने 5 को फांसी, 7 को उम्रकैद और एक को बरी किया था, लेकिन हाईकोर्ट ने 2025 में सभी को बरी कर दिया।
2006 मुंबई ट्रेन ब्लास्ट केस में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती




