मध्यप्रदेश। जल जीवन मिशन योजना के तहत 51 हजार से अधिक गांवों में हर घर को नल से जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है, लेकिन ठेकेदारों की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही दलों के विधायक आवाज उठा रहे हैं। हाल ही में विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बीजेपी विधायक उमाकांत शर्मा ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए पाइपलाइन की खराब गुणवत्ता और सड़कों की मरम्मत न होने का मुद्दा उठाया। बढ़ती शिकायतों के चलते पीएचई विभाग अब व्यवस्था में बदलाव करने की तैयारी कर रहा है, ताकि ठेकेदारों की लापरवाही पर रोक लगाई जा सके और योजना को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।
मध्यप्रदेश में जल संकट: जल जीवन मिशन में लापरवाही, ठेकेदारों पर गिरेगी गाज!




