मध्य प्रदेश। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा में एक सवाल के जवाब में जानकारी दी कि प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन करने वाला कर्मचारी चयन मंडल मुख्य रूप से परीक्षा फीस के जरिए आय अर्जित करता है। सरकार ने प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत इसी मंडल से फंड ट्रांसफर कर स्कूटी और लैपटॉप वितरित किए हैं। इस खुलासे के बाद बेरोजगार युवाओं में नाराजगी है, क्योंकि उनका कहना है कि चार वर्षों में परीक्षाओं पर उन्होंने 25 हजार रुपये तक खर्च कर दिए हैं। उन्हें सरकार से राहत की उम्मीद थी, लेकिन अब वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं, क्योंकि परीक्षा फीस की राशि फ्रीबीज योजनाओं पर खर्च की जा रही है।
परीक्षा फीस से स्कूटी-लैपटॉप बांट रही सरकार!




