नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने राज्यसभा में जानकारी दी कि साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने डिजिटल अरेस्ट मामलों से जुड़े 3,962 से अधिक स्काइप आईडी और 83,668 वॉट्सऐप अकाउंट्स की पहचान कर उन्हें ब्लॉक कर दिया है। यह केंद्र गृह मंत्रालय की एक विशेष शाखा है, जो साइबर अपराधों की निगरानी के लिए काम करता है। गृह राज्य मंत्री संजय बंदी कुमार ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) सांसद तिरुचि शिवा के सवाल के लिखित उत्तर में बताया कि साइबर अपराधियों ने इन अकाउंट्स का इस्तेमाल प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जैसी एजेंसियों के अधिकारी बनकर धोखाधड़ी करने के लिए किया था। इसके अलावा, 28 फरवरी 2025 तक 7.81 लाख से अधिक सिम कार्ड और 2.08 लाख से ज्यादा IMEI नंबर ब्लॉक किए जा चुके हैं। साथ ही, 13.36 लाख से अधिक शिकायतों के आधार पर 4,386 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय हानि को रोका जा सका है।
साइबर ठगी पर एक्शन: 83K वॉट्सऐप अकाउंट और 7.81L सिम ब्लॉक!




