अयोध्या में राम मंदिर पर आतंकी हमले की साजिश

Must read

नई दिल्ली। गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वाड और फरीदाबाद स्पेशल टास्क फोर्स ने संयुक्त ऑपरेशन में आतंकी कनेक्शन के संदेह में एक युवक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अब्दुल रहमान (19) पुत्र अबूबकर के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के फैजाबाद (अयोध्या) का निवासी है। संदिग्ध को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया, जहां वह आतंकी साजिश को अंजाम देने की तैयारी में था। उसके पास से दो हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए, जिन्हें सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत निष्क्रिय करा दिया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार संदिग्ध अब्दुल रहमान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के संपर्क में था और उसे अयोध्या के राम मंदिर पर आतंकी हमले के लिए तैयार किया गया था। जांच में खुलासा हुआ है कि रहमान कई कट्टरपंथी जमातों से जुड़ा हुआ था और फैजाबाद में एक मटन शॉप चलाता था। सुरक्षा एजेंसियों को मिली जानकारी के अनुसार, राममंदिर निर्माण के बाद पाकिस्तान आईएसआई ने भारत में बड़ी आतंकी साजिश रचने की योजना बनाई थी, जिसमें अयोध्या स्थित राम मंदिर को निशाना बनाने का प्लान था। जांच में यह भी सामने आया है कि अब्दुल रहमान पहले भी कई बार अयोध्या के राम मंदिर की रेकी कर चुका था और उसने वहां की सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी आईएसआई को साझा की थी। आतंकियों का मकसद राम मंदिर पर हैंड ग्रेनेड से हमला कर बड़े पैमाने पर तबाही मचाना था। इस ऑपरेशन को अंजाम देने में गुजरात एटीएस की भूमिका बेहद अहम रही। एटीएस को इनपुट मिला था कि एक संदिग्ध आतंकी भारत में सक्रिय है, जो आतंकी संगठन के निर्देश पर किसी बड़े हमले की तैयारी में जुटा हुआ है। इस जानकारी के आधार पर गुजरात एटीएस और फरीदाबाद एसटीएफ ने जाल बिछाया और संदिग्ध को गिरफ्तार किया।अब्दुल रहमान से फिलहाल हरियाणा पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां गहन पूछताछ कर रही हैं। उसके मोबाइल और अन्य बरामद सामग्रियों की जांच की जा रही है ताकि उसके बाकी नेटवर्क का पता लगाया जा सके। सुरक्षा एजेंसियां अब यह भी खंगाल रही हैं कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या कोई स्थानीय मददगार भी इसमें शामिल था।सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, अब्दुल रहमान आईएसआई के इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रोविंस मॉड्यूल से जुड़ा हुआ था। माना जा रहा है कि इस मॉड्यूल में अब्दुल के अलावा और लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। सेंट्रल एजेंसियों के सूत्रों ने बताया कि अब्दुल रहमान के पास से जो हैंड ग्रेनेड बरामद हुआ है, उसमें किसी कंपनी या देश का मार्का नहीं लगा हुआ था। इससे आशंका जताई जा रही है कि यह हथियार स्मगलिंग के जरिए अब्दुल तक पहुंचाया गया था। इसकी गहन जांच की जा रही है कि यह ग्रेनेड कहां से आया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। इस गिरफ्तारी के बाद अयोध्या समेत देशभर के संवेदनशील धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और अधिक कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने यह भी साफ किया है कि आतंकियों के मंसूबों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा और इस पूरे नेटवर्क का जल्द ही भंडाफोड़ किया जाएगा।

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article