इंदौर। गणतंत्र दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर और भोपाल के मेट्रोपॉलिटन प्लान को साल के अंत तक अंतिम रूप देने के निर्देश दिए थे। इस घोषणा के बाद इंदौर को महानगर बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है, जबकि भोपाल की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी रही है। इंदौर में कंसल्टेंट की नियुक्ति हो चुकी है, और इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (IMR) का प्रारंभिक ड्राफ्ट भी तैयार कर लिया गया है, जिसे 2028 में होने वाले सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। दूसरी ओर, भोपाल में अब तक कंसल्टेंट के चयन को लेकर एक बैठक जरूर हुई है, लेकिन प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में ही है।
इंदौर बना महानगर बनने की राह पर अग्रसर, भोपाल अब भी फैसले की राह देख रहा!




