आंध्र प्रदेश। प्रवर्तन निदेशालय ने वाईएसआरसीपी नेता और विशाखापत्तनम के पूर्व सांसद एमवीवी सत्यनारायण और जगन के करीबी ऑडिटर गन्नामनेनी वेंकटेश्वर राव (जीवी) को झटका दिया है। इसने 42.03 करोड़ रुपये मूल्य की 14 अचल संपत्तियों और 2.71 करोड़ रुपये मूल्य की छह चल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया। इसमें एमवीवी बिल्डर्स एमवीवी सत्यनारायण, हयाग्रीव के मैनेजिंग पार्टनर गद्दे ब्रह्माजी, उनकी पत्नी, मालिक चिलुकुरी जगदीश्वरु, उनकी पत्नी राधारानी और वाराणसी दिलीप की संपत्तियां शामिल हैं। ज्ञातव्य है कि पिछले वर्ष 22 जून को चिलुकुरी जगदीश्वरु और उनकी पत्नी राधारानी ने अरिलोवा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि विशाखापत्तनम के एंडाडा में हयाग्रीव परियोजना से संबंधित 12.51 एकड़ जमीन उनसे धोखाधड़ी से हड़प ली गई है। उस एफआईआर के आधार पर ईडी ने पिछले साल 19 और 20 अक्टूबर को धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत कई स्थानों पर एक साथ तलाशी ली थी। बेनामी पट्टादार की पासबुक और डिजिटल डिवाइस जब्त कर ली गईं। ईडी ने शुक्रवार को इस संबंध में एक बयान जारी किया। “हमने पाया है कि एमवीवी और जीवी ने गड्डे ब्रह्माजी के माध्यम से हयग्रीव परियोजना को अपने हाथ में लेने के बाद 2021 और 2022 में 30 से अधिक बिक्री विलेख और बिक्री समझौते किए।” जांच से पता चला कि इस बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग एमवीवी, ब्रह्माजी, जगदीश्वरु और वाराणसी दिलीप ने अपने लाभ के लिए किया।
ईडी ने पूर्व वाईएसआरसीपी सांसद एमवीवी की कई चल और अचल संपत्तियों किया जब्त




