इंदौर। जोन 13 के चोइथराम मंडी गेट के पास सोमवार शाम सीवर टैंक में उतरने के दौरान नगर निगम के दो कर्मचारियों करण यादव और अजय डोडिया की जहरीली गैस से दम घुटने के कारण मौत हो गई। करीब 25 से 30 फीट गहरे टैंक की सफाई शाम को मशीन और सक्शन टैंकर के जरिए की जा रही थी, तभी सफाई में उपयोग हो रहा पाइप का एक हिस्सा अंदर गिर गया जिसे निकालने के लिए पहले करण नीचे उतरे, लेकिन कुछ देर तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उन्हें बचाने अजय भी टैंक में उतर गए और दोनों बेहोश हो गए। मौके पर मौजूद कर्मचारी अकबर और अमन ने रस्सी के सहारे उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की, अमन ने कमर में रस्सी बांधकर अंदर जाकर एक कर्मचारी की बेल्ट में हुक फंसाया, इस दौरान उसे भी गैस का असर महसूस हुआ, लेकिन दोनों को बाहर लाया गया। पुलिस की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले की जांच राजेंद्र नगर पुलिस कर रही है और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। घटना पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजनों को 30-30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए जांच के आदेश दिए हैं। नगर निगम का कहना है कि एक कर्मचारी बिना सूचना दिए पाइप निकालने नीचे उतरा था और उसे बचाने दूसरा कर्मचारी भी चला गया, जिसके बाद यह हादसा हुआ।
सीवर टैंक में जहरीली गैस से दो निगमकर्मियों की मौत, 30-30 लाख मुआवजे की घोषणा




