नई दिल्ली। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) की एक स्पेशल टीम बारामती में हुए विमान हादसे की जांच करेगी, जिसमें महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजीत पवार और क्रू मेंबर्स समेत पांच लोगों की जान चली गई। जांच के दौरान, जांच टीम फ्लाइट रिकॉर्डर, एनहैंस्ड ग्राउंड प्रॉक्सिमिटी वार्निंग सिस्टम और डिजिटल इंजन इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को हासिल करेगी। एयरफ्रेम और इंजन लॉगबुक, वर्क ऑर्डर, ऑन-बोर्ड डॉक्यूमेंट्स और विमान से जुड़े बड़े इंस्पेक्शन रिकॉर्ड ऑपरेटर से जांच के लिए इकट्ठा किए जाएंगे। जांच टीम ने डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन से क्रू और विमान से जुड़े डॉक्यूमेंट्स भी मांगे हैं। आगे के एनालिसिस के लिए रडार डेटा की रिकॉर्डिंग, सीसीटीवी फुटेज, एटीसी टेप रिकॉर्डिंग और हॉटलाइन कम्युनिकेशन हासिल किए जाएंगे। जांच टीम गवाहों और संबंधित कर्मचारियों के बयान रिकॉर्ड करेगी। अजीत पवार की आज सुबह मुंबई से बारामती जाते समय एक चार्टर प्लेन क्रैश में मौत हो गई। वह 27 जनवरी को मुंबई में थे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में महाराष्ट्र कैबिनेट कमेटी ऑन इंफ्रास्ट्रक्चर की बैठक में हिस्सा लिया था। देवेंद्र फडणवीस ने आज सुबह प्लेन क्रैश में डिप्टी सीएम अजीत पवार के निधन के बाद राज्य में छुट्टी और तीन दिन के शोक की घोषणा की है। मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि पवार के अंतिम संस्कार का फैसला उनके परिवार से सलाह लेने के बाद किया जाएगा। 66 साल के अजीत पवार अनुभवी राजनेता और एनसीपी के संस्थापक शरद पवार के भतीजे और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले के चचेरे भाई थे। अजीत पवार महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक गैर-लगातार डिप्टी चीफ मिनिस्टर रहे। उन्होंने अलग-अलग सरकारों में छह बार इस पद पर काम किया। उन्होंने पृथ्वीराज चव्हाण, देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे की कैबिनेट में डिप्टी चीफ मिनिस्टर के तौर पर काम किया था। उनके परिवार में उनकी पत्नी, सुनेत्रा पवार और दो बेटे, जय और पार्थ पवार हैं।




