सागर। स्मार्ट सिटी के ठेकेदार अजय सिंह लोधी ने मंगलवार को पत्रकारवार्ता कर कलेक्टर संदीप जीआर पर गंभीर आरोप लगाए। लोधी ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और कलेक्टर बंगले में कराए गए कार्यों का भुगतान जानबूझकर रोका जा रहा है।
लोधी का आरोप है कि उन्हें स्मार्ट सिटी के टेंडर न डालने के लिए धमकाया गया और उनके खिलाफ दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी की विभिन्न परियोजनाओं के 10.82 करोड़ रुपए के बिल जमा किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि आरटीआई के जरिए जानकारी लेने पर पता चला कि स्मार्ट सिटी से जुड़े दस्तावेज कलेक्टर द्वारा गठित जांच समिति अपने साथ ले गई है। भुगतान रोके जाने का स्पष्ट कारण आज तक नहीं बताया गया। मजबूरी में उन्हें हाईकोर्ट का रुख करना पड़ा, लेकिन वहां भी कलेक्टर की ओर से अब तक कोई जवाब पेश नहीं किया गया। लोधी का आरोप है कि याचिका वापस लेने का दबाव भी बनाया गया।
लोधी ने बताया कि नवंबर 2024 में कलेक्टर के निर्देश पर शासकीय बंगले में सीसी रोड और गेट निर्माण का कार्य कराया गया, जिस पर करीब 20 लाख रुपए खर्च हुए। कार्य की प्रगति रिपोर्ट और फोटो नियमित रूप से दिए गए, इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि 7 जनवरी को जब उन्होंने बकाया राशि की मांग की, उसी दिन उनके डंपर के परमिट निरस्त कर दिए गए। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री कार्याल तक शिकायत की।
लोधी का आरोप है कि वैध देयकों का भुगतान रोकने के साथ-साथ उनके खिलाफ अवैध उत्खनन के झूठे प्रकरण दर्ज कराए गए, जबकि उनके पास सभी वैध परमिट और स्वीकृतियां मौजूद हैं। उन्होंने इसे बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया।
लोधी ने बताया कि 12 जनवरी को प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रशासनिक सुधार विभाग में तथ्यों के साथ शिकायत दर्ज कराई गई, जिस पर डिप्टी सेक्रेटरी को जांच सौंपी गई है। उनका कहना है कि अब उन्हें न्याय की उम्मीद है। कलेक्टर संदीप जीआर से पक्ष जानने कॉल और मैसेज किए गए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।




