पलवल। रतीपुर गांव में अनुसचित जाति से आने वाले परिवार के साथ न केवल घर में घुसकर मारपीट की गई, बल्कि विरोध करने पर कट्टा लहराकर जान से मारने की धमकी भी दी गई। सदर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपितों के विरुद्ध एससी-एसटी एक्ट, आर्म्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। रतीपुर गांव की रहने वाली पीड़िता संतोष पत्नी नारायण ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि घटना छह जनवरी की सुबह की है। गांव का ही कल्लू उनके घर के सामने से तेज रफ्तार में ट्रैक्टर लेकर जा रहा था। जब संतोष ने उसे ट्रैक्टर धीरे चलाने के लिए कहा, तो वह आगबबूला हो गया और धमकी देकर चला गया। आरोप है कि कुछ ही देर बाद कल्लू, कपिल, रमेश और महेश हाथों में लाठी, डंडे और फावड़ा लेकर संतोष के घर में घुस आए। हमलावरों ने परिवार को जातिसूचक गालियां देते हुए हमला कर दिया। कपिल ने फावड़े की मूंद से वार कर संतोष का हाथ तोड़ दिया। बीच-बचाव करने आए संतोष के पति नारायण और बेटों लखन व राजू को भी बेरहमी से पीटा गया। लखन के सिर पर फावड़े से हमला किया गया। कल्लू ने कट्टा लहराते हुए पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता का आरोप है कि शुरुआत में स्थानीय पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे आरोपितों के हौसले बढ़ गए और उन्होंने अगले दिन फिर घर आकर परिवार को गांव छोड़ने की धमकी दी।
दलित परिवार के घर में घुसकर की मारपीट, आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज




