मंडी। हिमाचल प्रदेश में हर दिन हो रहे सडक़ हादसे गहरे जख्म देने के साथ ही सालाना 3500 करोड़ भी गर्क कर रहे हैं। इन हादसों में शामिल होने वाले वाहनों सहित मानवीय हानि हो रही है। मोर्थ रिपोट्र्स, स्टेटिस्टा और राज्य सरकार के आंकडे तो यही बता रहे हैं कि हिमाचल में हर साल लगभग 2,500 से 3,000 सडक़ हादसे होते हैं। इनमें 900 से 1200 लोग मारे जाते हैं और 3000 से 4500 घायल होते हैं। राज्य स्तरीय सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर सडक़ हादसों से तीन से पांच प्रतिशत जीडीपी का नुकसान होता है। विश्व बैंक और मोर्थ के अनुसार भारत में सालाना 5.96 लाख करोड़ का नुकसान होता है। प्रदेश में मृत्यु दर भारत की कुल मृत्यु दर का लगभग 0.67 फीसदी है। अनुमानित वार्षिक नुकसान 3500 से 4500 करोड़ रुपए है। बीते दस सालों में हिमाचल प्रदेश में हुए सडक़ हादसों में करीब 11 हजार लोगों की मौत हुई है और 40 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। मोर्थ रिपोट्र्स में 30 से 40 प्रतिशत हादसे दोपहिया, कार से के हैं।




