इंदौर। चाइनीज मांझे से लगातार हो रही मौतों और हादसों को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि प्रतिबंध के बावजूद जानलेवा घटनाओं का होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसे रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई जरूरी है।
हाईकोर्ट ने साफ निर्देश दिए हैं कि अगर चाइनीज मांझे से किसी व्यक्ति की मौत होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि जो कोई भी चाइनीज मांझा बेचते या उसका इस्तेमाल करते पकड़ा जाएगा, उसके खिलाफ सीधे आपराधिक कार्रवाई होगी। अगर नाबालिग ऐसा करते पाए जाते हैं, तो उनके अभिभावकों को जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ भी केस दर्ज किया जाएगा।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बताया कि इंदौर में बीते कुछ महीनों में चाइनीज मांझे से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोग घायल हुए हैं और बड़ी संख्या में पक्षी भी इसकी चपेट में आकर मारे गए हैं। 14 जनवरी को मकर संक्रांति होने के कारण पतंगबाजी बढ़ेगी, ऐसे में हादसों का खतरा और ज्यादा है।
न्यायमित्र वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक शरण और आकाश शर्मा ने सुझाव दिया कि इंदौर और हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आने वाले 14 जिलों से इस मुद्दे पर उठाए गए कदमों और कार्ययोजना की रिपोर्ट तलब की जाए। कोर्ट ने इस पर सहमति जताते हुए अगली सुनवाई 16 जनवरी को तय की है। इस दौरान इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा भी कोर्ट में मौजूद रहे।
सरकार की ओर से बताया गया कि चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध लागू है और इसके दुष्परिणामों को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। बिक्री रोकने के लिए कार्रवाई हो रही है और हादसों से बचाव के लिए विशेष उपकरणों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। कोर्ट ने याद दिलाया कि 11 दिसंबर 2025 को इंदौर और आसपास के जिलों में इसको लेकर पहले ही सख्त निर्देश दिए जा चुके हैं।
सुनवाई के दौरान महिला वकील कविता उइके ने भी अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि चाइनीज मांझे से उनका गला कट गया था और जान बचाने के लिए उन्हें डोर हाथों से तोड़नी पड़ी, जिससे उनकी हथेली गंभीर रूप से घायल हो गई। इस पर कोर्ट ने संवेदना जताते हुए शासन को और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।




