इंदौर। रविवार को नादिया नगर, एलआईजी कॉलोनी, शिवशक्ति नगर और संजय नगर इलाके में एक पागल कुत्ते ने करीब दो घंटे तक जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान कुत्ते ने 6 से ज्यादा लोगों को काट लिया। कई मामलों में वह लोगों के हाथ और पैर अपने जबड़ों में दबाकर काफी देर तक पकड़े रहा, जिससे पीड़ितों को गहरे जख्म आए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुत्ता सुबह करीब 11 बजे अचानक लोगों पर झपटने लगा। सबसे पहले उसने दो से तीन बाइक सवारों पर हमला किया, जो किसी तरह जान बचाकर वहां से निकल पाए। इसके बाद नादिया नगर के रहवासी लक्ष्मण वर्मा पर कुत्ते ने हमला किया। वर्मा ने हाथ से उसे भगाने की कोशिश की, लेकिन कुत्ते ने उनके हाथ को जबड़े में दबा लिया। आसपास के लोग छुड़ाने दौड़े, लेकिन काफी देर तक कुत्ता नहीं छोड़ा। इस हमले में उनके एक हाथ का मांस बाहर निकल आया, जबकि दूसरा हाथ भी बुरी तरह जख्मी हो गया।
कुछ ही देर बाद इसी कुत्ते ने 12 साल के अबीर, पिता मनोज, का पैर पकड़ लिया और बुरी तरह काटा। लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की तो कुत्ता उन पर भी टूट पड़ा, जिससे वे पीछे हटकर भागे। इसी दौरान जयश्री वर्मा ने एक व्यक्ति को बचाने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि कुत्ते ने उस व्यक्ति के हाथ और पैर बुरी तरह फाड़ दिए थे। बोरी डालकर बड़ी मुश्किल से उसे छुड़ाया जा सका। इलाके में करीब 10 से 15 कुत्तों का झुंड सक्रिय है, जिससे लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है।
रहवासियों ने बताया कि एक बुजुर्ग महिला को भी कुत्ते ने काटा है। स्थानीय निवासी हेमंत कुशवाह के अनुसार, पिछले दो चार दिनों से एक कुत्ता असामान्य रूप से हिंसक हो गया था। लोग पहले भी नगर निगम से शिकायत कर चुके थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। रविवार को दोबारा सूचना देने पर निगम की ओर से कहा गया कि टीम सोमवार को आएगी। बाद में कुत्ता घायल हालत में दिखा, लेकिन फिर उसका पता नहीं चला।
शहर में डॉग बाइट की स्थिति भी चिंताजनक है। 2025 में इंदौर में 48,972 लोग आवारा कुत्तों के काटने का शिकार हुए थे। इनमें 8,727 नाबालिग, 8,976 महिलाएं और करीब 31 हजार पुरुष शामिल हैं। ये आंकड़े सिर्फ हुकुमचंद पोली क्लिनिक और लाल अस्पताल के हैं। निजी अस्पतालों को जोड़ दिया जाए तो यह संख्या 55 हजार तक पहुंच सकती है।




