इंदौर। बायपास पर बाइक सवार छात्र की चायनीज मांजे से गला कटने से हुई मौत के बावजूद शहर में प्रतिबंधित मांजे की बिक्री थमने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार रात पुलिस ने एक ऐसे ही मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कार से भारी मात्रा में चायनीज मांजा जब्त किया है, जिसे मकर संक्रांति पर शहर में बेचने की तैयारी थी।जूनी इंदौर थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक कार को रोका। तलाशी लेने पर कार से आठ बोरे चायनीज मांजा बरामद हुआ। बोरे खुलवाने पर कुल 1526 रील प्रतिबंधित मांजा निकला, जिसे मौके पर जब्त कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी मूल रूप से शाजापुर का रहने वाला है और फिलहाल इंदौर में किराए के मकान में रह रहा था। जूनी इंदौर टीआई अनिल गुप्ता ने बताया कि आरोपी की पहचान 28 वर्षीय रवि पिता कैलाश राजानी, निवासी खातीवाला टैंक के रूप में हुई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी रात में चायनीज मांजा लेकर आने वाला है। इसी आधार पर चेकिंग प्वाइंट लगाए गए और कार नंबर के जरिए उसे रोका गया। तलाशी में बड़ी मात्रा में मांजा मिला, जिसके बाद आरोपी से देर रात तक पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह दो दिन पहले कार से अहमदाबाद गया था। वहां कालूपुर मार्केट में शब्बीर नामक व्यापारी की दुकान से उसने सैकड़ों रील चायनीज मांजा खरीदा। आरोपी ने बताया कि उसने करीब 36 हजार रुपए में यह माल थोक में खरीदा था और इंदौर में इसे खुदरा में करीब डेढ़ लाख रुपए में बेचने की योजना थी। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि वह हर साल मकर संक्रांति के सीजन में चायनीज मांजा लाकर शहर और आसपास के इलाकों में बेचता रहा है। चार महीने पहले ही वह इंदौर में किराए से रहने आया था और इससे पहले भी बड़ी मात्रा में मांजा खपा चुका है। जब पुलिस ने उससे पूछा कि प्रतिबंध के बावजूद वह मांजा क्यों बेच रहा है, तो आरोपी ने कहा कि त्योहार का सीजन है, इसलिए बेचना ही पड़ेगा। पुलिस इस बयान को गंभीर मानते हुए उससे जुड़े नेटवर्क और अन्य सप्लायर्स की जानकारी जुटा रही है। पुलिस के मुताबिक इससे पहले खजराना थाना क्षेत्र में भी तीन व्यापारियों को चायनीज मांजे के साथ पकड़ा गया था। जांच में सामने आया था कि वहां सप्लाई दिल्ली के चांदनी चौक और लालकुआं इलाके से हो रही थी। अब पुलिस अहमदाबाद और दिल्ली दोनों जगह दबिश की तैयारी कर रही है। गौरतलब है कि 30 नवंबर को बायपास पर 17 वर्षीय छात्र गुलशन की चायनीज मांजे से गला कटने से मौत हो गई थी। इसके बाद भी इस खतरनाक धंधे पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है, जिससे प्रशासन और पुलिस की सख्ती पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मौत के बाद भी नहीं थमा जानलेवा धंधा, शहर में खपाने लाया जा रहा चायनीज मांजा




