नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीनियर आईपीएस अफसर राकेश अग्रवाल को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के महानिदेशक पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। मंत्रालय ने मौजूदा डीजी सदानंद वसंत डेट को उनके मूल कैडर में समय से पहले वापस भेजे जाने के बाद यह फैसला लिया है। हिमाचल प्रदेश कैडर के 1994 बैच के इंडियन पुलिस सर्विस (आईपीएस) अधिकारी अग्रवाल अभी एनआईए में विशेष महानिदेशक के पद पर तैनात हैं। उन्हें 29 सितंबर, 2025 को एनआईए के विशेष महानिदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था। गृह मंत्रालय की ओर जारी आदेश के मुताबिक अग्रवाल अब अगले आदेश तक एनआईए चीफ की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालते रहेंगे।गृह मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी बयान के अनुसार, नियमित अधिकारी की नियुक्तिहोनेतकयाअगलेआदेशतक, अग्रवाल एनआईए चीफकाअतिरिक्तप्रभारसंभालेंगे। गृहमंत्रालयकायहफैसलाकैबिनेटकीअपॉइंटमेंट्सकमेटी (एसीसी) द्वारा 1990 बैचकेमहाराष्ट्रकैडरके आईपीएस अधिकारीसदानंद वसंत डेटकोतुरंतप्रभावसेउनके मूल कैडर में समय से पहले वापस भेजने की मंजूरी के बाद आया है। गौरतलब है कि सदानंद वसंत डेट देश की प्रमुख आतंकवाद विरोधी जांच एजेंसी के प्रमुख के तौर पर काम कर रहे थे और आतंकवाद, संगठित अपराध और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी कई संवेदनशील जांचों की देखरेख कर रहे थे। बयान में लिखा है, ‘सदानंद वसंत डेट की समय से पहले वापसी के बाद, राकेश अग्रवाल को एनआईए के महानिदेशक के पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जा रहा है। यह नियुक्ति अगले आदेश तक जारी रहेगी।’अग्रवाल की अंतरिम डीजी के तौर पर नियुक्ति को एजेंसी के शीर्ष पर स्थिरता बनाए रखने के लिए एक प्रशासनिक कदम के तौर पर देखा जा रहा है, जबकि केंद्र सरकार पूर्णकालिक महानिदेशक की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर रही है। अग्रवाल को एक अनुभवी आतंकवाद विरोधी और आंतरिक सुरक्षा पेशेवर माना जाता है, जिन्हें जटिल जांचों को संभालने का व्यापक अनुभव है। एनआईए में अपने कार्यकाल के दौरान, वह टेरर फंडिंग, कट्टरपंथी नेटवर्क और सीमा पार संबंधों से जुड़े कई हाई-प्रोफाइल मामलों में जांच से जुड़े रहे हैं।
आईपीएस राकेश अग्रवाल को सौंपा गया एनआईए चीफ का अतिरिक्त प्रभार




