23 दिसंबर से शुरू होगा SIR का दूसरा चरण, इंदौर में 1.32 लाख मतदाताओं को मिलेंगे नोटिस

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इंदौर। जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का दूसरा चरण 23 दिसंबर से शुरू होगा। इसी दिन प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। 23 दिसंबर से ही दावा-आपत्ति की प्रक्रिया भी शुरू होगी, जो 22 जनवरी 2026 तक चलेगी। इसके बाद 21 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि इस चरण में पूरा फोकस मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने पर रहेगा।

इस चरण के तहत जिले में करीब 4.66 प्रतिशत अनमैप मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे। आयोग द्वारा तय किए गए दस्तावेजों के आधार पर संबंधित मतदाताओं को अपने दावे प्रस्तुत करने होंगे। इन दावों की सुनवाई ईआरओ और एईआरओ स्तर पर की जाएगी और नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। दावा-आपत्ति की यह प्रक्रिया लगभग एक माह तक चलेगी।

कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि प्रशासन की कोशिश है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। इसके लिए बीएलओ और सुपरवाइजरों को लंबित मामलों के जल्द निपटारे के निर्देश दिए गए हैं।

इंदौर की 9 विधानसभा में 4.51 लाख से ज्यादा मतदाता अब भी अनमैप

जिले की सभी 9 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 4 लाख 51 हजार 218 मतदाता ऐसे हैं, जिनकी मैपिंग और कटौती की प्रक्रिया अब भी शेष है। इनमें सबसे ज्यादा इंदौर-5 विधानसभा में 88 हजार 800 नाम लंबित हैं। इसके बाद इंदौर-1 में 75 हजार 559 और इंदौर-2 में 73 हजार 257 मतदाता शामिल हैं।

राऊ विधानसभा में 55 हजार 136, इंदौर-4 में 39 हजार 317 और इंदौर-3 में 37 हजार 397 मतदाता लंबित हैं। सबसे कम मामले सांवेर विधानसभा में हैं, जहां 24 हजार 831 मतदाता अभी भी सूची में बने हुए हैं। वहीं महू में 27 हजार 802 और देवास विधानसभा में 29 हजार 119 मतदाताओं की प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शहरी क्षेत्रों में स्थानांतरण, दोहरा नामांकन और मृत्यु के बाद नाम न हटने जैसी वजहों से यह स्थिति बनी है।

1.32 लाख मतदाताओं को जारी होंगे नोटिस

जिले में करीब 4.53 लाख मतदाताओं के फॉर्म प्राप्त नहीं हो सके हैं। इनमें 1 लाख 81 हजार 633 मतदाता ट्रेस नहीं हो पाए, जबकि 1 लाख 97 हजार 758 मतदाता स्थायी रूप से स्थानांतरित पाए गए हैं। इसके अलावा 43 हजार 468 मतदाता मृत और 22 हजार 554 मतदाता ऐसे हैं, जिन्होंने अन्य जिले में अपना नाम दर्ज करा लिया है।

करीब 4.63 प्रतिशत मतदाता ऐसे हैं, जिनके फॉर्म तो मिले लेकिन 2003 की सूची से उनकी मैपिंग नहीं हो सकी। ऐसे 1 लाख 32 हजार 662 मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे और उन्हें 11 प्रकार के दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

फर्जी मतदाताओं के आरोप पर चुनाव आयोग ने मांगा जवाब

इंदौर की मतदाता सूची से लाखों नाम हटाए जाने को लेकर पूर्व पार्षद दिलीप कौशल की शिकायत पर भारत निर्वाचन आयोग ने अधिकारियों से जवाब मांगा है। जिला निर्वाचन कार्यालय ने 2021 और 2023 की सूचियों से चार लाख से ज्यादा नाम हटाने का दावा किया था। कांग्रेस नेता रवि गुरनानी ने बताया कि चुनाव आयोग ने ई-मेल के जरिए शिकायत दर्ज कर संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी और अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पंवार ने कहा कि जिले में मतदाताओं से फॉर्म प्राप्त करने का कार्य पूरा हो चुका है और जिन मतदाताओं के फॉर्म नहीं मिले थे, उनका दोबारा सत्यापन कराया गया है।

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