फरीदाबाद। सारण स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कक्षा-9 के विद्यार्थी को बड़ी ही बेहरमी से पीटने का मामला सामने आया है। जहां बच्चे को पीटने पर माता-पिता टीचर से लड़ जाते हैं, एफआईआर तक करा देते हैं, इस मामले में अभिभावकों ने बच्चे को पीटने की टीचर को खुली छूट दे दी थी। इतना ही नहीं, टीचर ने पीटा या नहीं इसकी खबर रखने के लिए बेटी की ड्यूटी भी लगाई। सूत्रों के मुताबिक जब भाई को क्लास के बाकी छात्रों ने पकड़ रखा और टीचर जी उसके पंजों पर बेरहमी से डंडे बरसा रहा था, जब बहन वहीं मौजूद थी और यह सब अपनी आंखों के सामने होता देख रही थी।
टीचर नरेंद्र राठी ने स्कूल बंक करने पर नौवीं कक्षा के एक विद्यार्थी पर अंधाधुंध डंडे बरसाए। विद्यार्थी को अन्य विद्यार्थियों ने पकड़ा हुआ था और अध्यापक उसके पंजे पर डंडे मार रहे थे, बीच में डंडा भी टूट गया, लेकिन अध्यापक नहीं रुके। सरकारी स्कूल में विद्यार्थियों की इस प्रकार की पिटाई की अभिभावक निंदा कर रहे हैं। अध्यापक नरेंद्र राठी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। यह भी बता दें कि सारण का यह सरकारी करीब आठ महीने पहले भी चर्चा में आया था। स्कूल में प्राइमरी के बच्चों से झाड़ू लगवाने और कूड़ा उठवाने का मामला सामने आया था। जिसके बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए स्कूल प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा था। एक बार फिर स्कूल चर्चा में बना हुआ है। विद्यार्थी की पिटाई का एक वीडियो भी इंटरनेट पर प्रसारित हो रहा है। उधर, इसी कक्षा के एक और छात्र को भी शिक्षक ने पीटा है, जिसके पिता का कहना है कि जब पुलिस ने बताया तो उन्हें इस घटना का पता चला। उन्होंने कहा कि इस मामले में टीचर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।
मामले ने तूल पकड़ा तो शिक्षा विभाग के अधिकारी और पुलिस हरकत में आ गई है। सारण थाना प्रभारी ने बुधवार सुबह स्कूल भी पहुंचे थे। पुलिस स्टेशन में अभिभावक और अध्यापक नरेंद्र राठी, पीड़ित छात्र तथा अन्य विद्यार्थियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। स्कूल की प्रधानाचार्य अल्का ने बताया कि विद्यार्थी बीते कई दिनों से घर से स्कूल के लिए निकलता था और स्कूल नहीं पहुंच रहा था। कई बार लंच से पहले ही स्कूल बंक कर देता था। अभिभावकों की शिकायत पर ही अध्यापक ने विद्यार्थी की पिटाई की थी। इस दौरान उसकी बहन भी मौजूद थी। इस संबंध में जानकारी मंगलवार को मिली थी। पीड़ित छात्र शिवम् के पिता रामचंद्र का कहना है कि उन्हें बाद में पता चला कि बच्चे की पिटाई है। जबकि स्कूल प्रबंधन का कहना है कि माता पिता के कहने पर पिटाई की गई थी। हालांकि उन्हें ये भी कहा कि बच्चे की पिटाई से कोई दिक्कत नहीं है। बेटी के भी मौजूद होने से इनकार किया है।
उधर, पुलिस का कहना है कि स्कूल में छात्रों को पीटा नहीं जा सकता है। इस मामले में कमेटी जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फरीदाबाद में शिक्षक ने छात्र को बुरी बेरहमी से पीटा




