चेन्नई। 9 साल के लंबे इंतजार के बाद भारत ने जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप में एक बार फिर पदक जीत लिया। कांस्य पदक के मुकाबले में जूनियर टीम इंडिया ने आखिरी 11 मिनट में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 2021 की चैंपियन अर्जेंटीना को 4-2 से हरा दिया। मुकाबला मेयर राधाकृष्णन स्टेडियम में खेला गया, जहां दर्शकों की भारी भीड़ मौजूद थी।
तीन क्वार्टर तक भारत 0-2 से पीछे चल रहा था, लेकिन आखिरी क्वार्टर में टीम ने मानो तूफानी अंदाज में वापसी की। भारत की ओर से अंकित पाल (49वां मिनट), मनमीत सिंह (52वां), शारदानंद तिवारी (57वां) और अनमोल इक्का (58वां) ने गोल दागकर मैच का रुख ही पलट दिया। अर्जेंटीना के लिए निकोलस रोड्रिगेज (5वां मिनट) और सेंटियागो फर्नांडिस (44वां) ने गोल किए थे।
ब्रॉन्ज जीत के बाद हॉकी इंडिया ने टीम के हर खिलाड़ी को 5-5 लाख रुपये और सपोर्ट स्टाफ को 2.5 लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की।
मैच की शुरुआत भारत के लिए अच्छी नहीं रही। शुरुआती मिनटों में ही अनमोल इक्का की चूक पर अर्जेंटीना को पेनल्टी स्ट्रोक मिला, जिसे रोड्रिगेज ने गोल में बदला। पहले हाफ में भारतीय टीम दबाव में दिखी और एक भी पेनल्टी कॉर्नर हासिल नहीं कर सकी। तीसरे क्वार्टर के अंत में फर्नांडिस के गोल से अर्जेंटीना की बढ़त 2-0 हो गई।
आखिरी क्वार्टर में भारत ने आक्रामक खेल दिखाया। 49वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर पर अंकित ने गोल कर भारत का खाता खोला। इसके बाद 52वें मिनट में मनमीत ने डिफ्लेक्शन से बराबरी दिलाई। 57वें मिनट में शारदानंद ने पेनल्टी स्ट्रोक पर बढ़त दिलाई और फिर 58वें मिनट में अनमोल इक्का ने निर्णायक गोल दागकर जीत पर मुहर लगा दी।
इस जीत के साथ भारत ने 2016 के बाद पहली बार जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप में कोई पदक अपने नाम किया है। इससे पहले टीम 2001 (होबार्ट) और 2016 (लखनऊ) में खिताब जीत चुकी है, जबकि पिछली दो बार ब्रॉन्ज मुकाबले में हारकर चौथे स्थान पर रही थी।




