इंदौर। रविवार को इंदौर से इंडिगो की 24 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि भोपाल से 4 और जबलपुर से 2 फ्लाइट निरस्त रहीं। जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट, जो मुंबई होकर जाती है, रद्द कर दी गई। इसके अलावा बेंगलुरु से जबलपुर आने और वापस जाने वाली उड़ान भी संचालित नहीं हो सकी। ग्वालियर में भी कंपनी की दो उड़ानें रद्द होने की सूचना है।
राजा भोज एयरपोर्ट से आने-जाने वाली कुल चार उड़ानों पर असर पड़ा। मुंबई से भोपाल आने वाली फ्लाइट रद्द की गई, जबकि उसकी वापसी की उड़ान सामान्य रूप से चली। इसी तरह बेंगलुरु से भोपाल आने वाली फ्लाइट भी रद्द रही, हालांकि लौटने वाली उड़ान संचालित की गई। रात के शेड्यूल में बेंगलुरु और दिल्ली से आने वाली दो उड़ानें भी निरस्त रहीं, जिसके कारण भोपाल से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट भी रद्द हो गई।
शनिवार को भी इंदौर में उड़ानों की भारी कटौती
इससे एक दिन पहले शनिवार को इंदौर एयरपोर्ट पर करीब 30 उड़ानें निरस्त हुई थीं। सुबह से रात तक उड़ानों के रद्द होने का सिलसिला चलता रहा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, क्रू की कमी और रोस्टर सिस्टम में बदलाव के चलते यह स्थिति बनी है।
ट्रेवल एजेंट फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष अमोल कटारिया के अनुसार, नए नियम लागू होने के बाद 1 दिसंबर से ही उड़ानों को लगातार रद्द किया जा रहा है। हालांकि सरकार ने इन नियमों को फरवरी तक टाल दिया है, फिर भी स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में अभी कुछ और दिन लग सकते हैं।
यात्री बस और ट्रेन से सफर को मजबूर
लगातार उड़ानें रद्द होने से बड़ी संख्या में यात्री सड़क और रेल मार्ग का सहारा ले रहे हैं। बसों और ट्रेनों में भी भारी भीड़ है, जिससे सीट मिलना मुश्किल हो रहा है। जिन उड़ानों का संचालन हुआ, उनमें एक भी सीट खाली नहीं रही और किराया भी सामान्य से कई गुना अधिक वसूला गया।
इंदौर में अब तक की सबसे बड़ी उड़ान बाधा
इंदौर एयरपोर्ट के इतिहास में यह पहला मौका बताया जा रहा है, जब एक साथ इतनी बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द हुई हैं। निरस्त उड़ानों में दिल्ली, मुंबई, पुणे, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई, चंडीगढ़, गोवा, रायपुर, नागपुर, जयपुर, अहमदाबाद, हैदराबाद और जम्मू जैसे बड़े शहर शामिल रहे। कई उड़ानों में 4 से 5 घंटे तक की देरी भी दर्ज की गई।
हवाई सेवाएं ठप रहने से यात्रियों में खासी नाराजगी देखी जा रही है और अगले कुछ दिनों तक स्थिति पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद कम ही जताई जा रही है।




