गुरुग्राम। साइबर ठगों द्वारा महिला को हवाला केस में फंसाने का डर दिखाकर 2.92 करोड़ रुपए ऐंठने के मामले में पुलिस ने गुजरात के एक वीजा कंसल्टेंट को पकड़ा है। आरोपी ने अपने भाई के जरिए बैंक खाता अरेंज कर साइबर गिरोह को उपलब्ध कराया था। इसी खाते के माध्यम से 39 लाख रुपए का लेनदेन किया गया था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अशीषभाई रमनलाल राणा (36), निवासी तापी, गुजरात के रूप में हुई है।
पीड़िता ने बताया था कि दिसंबर 2024 में उसके बेटे को व्हाट्सऐप ऑडियो कॉल आया, जिसमें आधार कार्ड का हवाला कारोबार में इस्तेमाल होने का आरोप लगाया गया। विरोध करने पर कॉल करने वालों ने खुद को पुलिस और सीबीआई अफसर बताकर FIR और गिरफ्तारी का डर दिखाया। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए पीड़िता को डिजिटल अरेस्ट कर दिया गया और अलग-अलग खातों में 2.92 करोड़ रुपए ट्रांसफर करा लिए।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी 2021 से दुबई में वीज़ा कंसल्टेंट के तौर पर काम कर रहा था और मई 2025 में भारत लौटा था। उसके भाई मितेश ने खाता मुहैया कराया था, जिसके बदले उसे 12.80 लाख रुपए मिले थे।
इस ठगी मामले में कुल 18 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी को दो दिन की रिमांड पर लेकर उसके नेटवर्क और अन्य वारदातों की जांच की जा रही है।




