छिंदवाड़ा। बच्चों की संदिग्ध मौतों के बाद प्रदेश में कफ सिरप बनाने वाली 32 कंपनियों की जांच शुरू हुई, जिनमें से 7 की जांच पूरी होते ही गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं। इंदौर और ग्वालियर स्थित पांच कंपनियों का प्रोडक्शन रोका गया, जबकि एक फर्म ने खुद लाइसेंस सरेंडर कर दिया। जांच एजेंसियों की सीमित क्षमता के कारण सैंपल तो जमा हो रहे हैं, लेकिन रिपोर्ट आने में देरी से मार्केट में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है।
कफ सिरप कांड के बाद 7 दवा कंपनियों में खामियां, 5 पर कार्रवाई




