गाजियाबाद। निडोरी गांव में बिना लाइसेंस के ही मिठाई बनाने का कार्य करने का पर्दाफाश हुआ है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापा मारा तो विनिर्माण परिसर में गंदगी मिली। मिठाइयों पर मक्खी और चीटियां मिलीं। विभागीय अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए विनिर्माण परिसर को बंद करा दिया है। इसके साथ ही 300 किलो रसगुल्ले और 25 किलो मिठाई भी नष्ट कराई है।जिला अभिहित अधिकारी अरविंद यादव ने बताया कि निडोरी में तवारीख के मिठाई विनिर्माण परिसर पर छापामारी की गई। इस दौरान 2,500 किलो मिठाई का भंडारण मिला। मानकाें के अनुरूप न होने के कारण रसगुल्ला, बेसन की बूंदी, रंगीन रसगुल्ला, खोया, मिल्क केक, गुलाब जामुन का नमूना जांच के लिए संग्रहित किया गया।इस दौरान 300 किलो सफेद रसगुल्ला और 25 किलो काजू बर्फी को अस्वच्छ भंडारण होने के कारण नष्ट कराया गया है। इसके अलावा खोड़ा की महालक्ष्मी कालोनी में अलीगढ़ के पिसावा में रहने वाले रमेश चंद द्वारा लाया गया 110 किलोे पनीर और अलीगढ़ के चंदौस से मोहम्मद अबरार द्वारा लाया गया 360 किलो पनीर को जब्त कर नष्ट कराया गया है।लगाया जुर्मानामुनाफे के चक्कर में त्योहार के अवसर पर बाजार में बिक रहे उत्पाद के वजन में घटतौली भी की जा रही है। इसे रोकने के लिए माप तौल विभाग ने चेकिंग तेज कर दी है। निरीक्षक ज्योति सती ने बताया कि रामनगर स्थित किराना मंडी में उन्होंने तौल उपकरणों की जांच की तो पता चला कि पिछले 20 साल से कांटों (तौल उपकरण) की स्टांपिंग नहीं कराई गई है। ऐसे में दुकानदारों पर जुर्माना लगाया गया है।
बिना लाइसेंस मिठाई बना रहे दुकान को कराया बंद, 300 किलो रसगुल्ले कराया नष्ट




