UPPCS व FO परीक्षा में गाजियाबाद में अभ्यर्थियों की इतनी बड़ी अनुपस्थिति ने आयोग के सामने नया सवाल खड़ा कर दिया है। जहां परीक्षा केंद्रों पर पूरी व्यवस्था थी, वहीं इतने अधिक परीक्षार्थियों का न पहुंचना परीक्षा व्यवस्था और उम्मीदवारों के उत्साह दोनों पर सवाल उठाता है।
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPCS) व फॉरेस्ट ऑफिसर (FO) की प्रारंभिक परीक्षा 2025 में गाजियाबाद जिले में अभ्यर्थियों की भारी अनुपस्थिति दर्ज की गई। दो पालियों में आयोजित इस परीक्षा में कुल 19200 परीक्षार्थियों को शामिल होना था, लेकिन केवल 6896 अभ्यर्थी ही परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे। यानी लगभग 64% उम्मीदवारों ने परीक्षा नहीं दी, जिससे आयोग और प्रशासन दोनों हैरान हैं.21 परीक्षा केंद्रों पर सन्नाटागाजियाबाद में कुल 21 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। जिला प्रशासन ने परीक्षा को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए निगरानी टीमें भी तैनात की थीं। इसके बावजूद परीक्षा केंद्रों पर अपेक्षा से बहुत कम अभ्यर्थी पहुंचे। कई केंद्रों पर तो कमरे आधे से भी कम भरे दिखे। पहली पाली में 64% अभ्यर्थियों ने नहीं दी परीक्षापरीक्षा की पहली पाली में कुल 9600 अभ्यर्थियों को शामिल होना था, लेकिन मात्र 3446 अभ्यर्थी ही उपस्थित हुए। यानी लगभग 6134 उम्मीदवारों ने परीक्षा छोड़ दी। केंद्रों पर सुबह से ही हलचल कम थी, कई परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की गिनती उंगलियों पर की जा सकती थी। दूसरी पाली में भी रही वही स्थितिदूसरी पाली में भी स्थिति पहली जैसी ही रही। कुल 9600 में से केवल 3430 अभ्यर्थी ही पहुंचे. इस तरह दूसरी पाली में 6170 उम्मीदवार अनुपस्थित रहे। दोनों पालियों को मिलाकर कुल 12304 अभ्यर्थियों ने परीक्षा नहीं दी, जो अनुपस्थिति का बेहद बड़ा आंकड़ा है। संभावित कारणों पर चर्चाअभ्यर्थियों की अनुपस्थिति के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं। कुछ उम्मीदवारों ने केंद्र दूर होने की वजह बताई, तो कुछ ने कहा कि वे मुख्य परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं और प्रारंभिक परीक्षा को अभ्यास के तौर पर नहीं देना चाहते थे। वहीं कुछ ने परीक्षा की कठिनाई और प्रतिस्पर्धा के स्तर को देखते हुए भी दूरी बनाए रखी। परीक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार आवेदन तो बड़ी संख्या में हुए, लेकिन वास्तविक परीक्षा में उपस्थित होने वाले अभ्यर्थियों का आंकड़ा लगातार घटता जा रहा है, जो चिंता का विषय है।




