उत्तराखंड। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) की ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि राज्य का करीब 22% हिस्सा भूस्खलन के उच्च जोखिम वाले क्षेत्र में आता है, जिसमें चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और उत्तरकाशी जैसे जिले शामिल हैं जहां लगभग 15 लाख लोग रहते हैं। पिछले पांच साल में राज्य में 3,300 से ज्यादा भूस्खलन की घटनाएं हुईं और 250 से अधिक लोगों की जान गई। विशेषज्ञों का कहना है कि सड़कों के कटाव, जलविद्युत परियोजनाओं और अनियंत्रित निर्माण से खतरा और बढ़ रहा है, इसलिए विकास योजनाओं का वैज्ञानिक आकलन जरूरी है।
उत्तराखंड में बड़ा खतरा, राज्य का 22% इलाका हाई लैंडस्लाइड जोन में




