मॉरीशस। चीफ जस्टिस बीआर गवई ने सर मॉरिस रॉल्ट मेमोरियल लेक्चर में कहा कि भारतीय न्याय व्यवस्था रूल ऑफ लॉ से चलती है, जहां बुलडोजर एक्शन की कोई जगह नहीं। उन्होंने कहा कि सरकार जज, जूरी और जल्लाद एक साथ नहीं बन सकती, क्योंकि ऐसा करना संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है। गवई ने तीन तलाक, व्यभिचार कानून और चुनावी बॉन्ड जैसे फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने हमेशा न्याय और समानता को प्राथमिकता दी है। उन्होंने लोकतंत्र में कानून के शासन को भारत की नैतिक और सामाजिक रीढ़ बताया।
CJI बोले- कानून के शासन में बुलडोजर एक्शन की कोई जगह नहीं




