-हादसे के बाद मौके पहुंचे पुलिस के आलाधिकारी और क्षेत्रीय नेता
इमरान खान,रिपोर्टर
मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के चुनार रेलवे स्टेशन पर बुधवार की सुबह बड़ा हादसा हुआ। रेल लाइन पार करते समय हावड़ा-कालका मेल ट्रेन की चपेट में आने से छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई। हादसा के शव क्षत-विक्षत हो गए। जीआरपी और आरपीएफ के जवानों ने शवों के टुकड़े इकट्ठा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उधर हादसे के बाद पुलिस के आलाधिकारियों मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का जायजा लिया। उधर खबर मिलते ही मौके पर क्षेत्र के कई नेता और आसपास के लोग पहुंच गए। सभी ने इस हादसे पर दुख व्यक्त किया है। मिली जानकारी के अनुसार सोनभद्र की ओर से आने वाली गोमो-प्रयागराज बरवाडीह पैसेंजर ट्रेन सुबह करीब सवा नौ बजे प्लेटफार्म नंबर चार पर पहुंची। उसमें सवार श्रद्धालु कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए चुनार आए थे। प्लेटफार्म नंबर चार पर उतरने के बाद वह विपरीत दिशा में प्लेटफार्म नंबर तीन की ओर जाने के लिए रेल लाइन पार करने लगे। इसी दौरान प्लेटफार्म नंबर तीन पर जा रही कालका मेल की चपेट में आ गए। हादसे के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। जीआरपी व आरपीएफ मृतकों की पहचान कराने में जुटी है। जानकारी के मुताबिक इंडियन रेलवे ने कहा, ट्रेन नंबर 13309 चोपन – प्रयागराज एक्सप्रेस चुनार स्टेशन के प्लेटफॉर्म 4 पर पहुंची। कुछ यात्री गलत साइड से उतर गए और मेन लाइन से ट्रैक पार कर रहे थे, जबकि फुट ओवर ब्रिज मौजूद था। ट्रेन नंबर 12311 नेताजी एक्सप्रेस मेन लाइन से गुजर रही थी जिससे तीन-चार लोग चपेट में आ गए। रेलवे पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतकों की पहचान सविता पत्नी राजकुमार, साधना पुत्री विजय शंकर, अप्पू देवी पुत्री विजय शंकर, सुशीला देवी पत्नी स्वर्गीय मोतीलाल, और कलावती देवी पत्नी जर्नादन यादव के रूप में की गई है। यह सभी महिलाएं मिर्जापुर के राजगढ ब्लाॅक के खमरिया गांव की निवासी थीं। इस दुखद हादसे की खबर सुनते ही पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई है। खबर सुनते ही लोग और नेता मौके पर पहुंच गए। सभासद किशन, विक्रम यादव, पूर्व सभासद ओम प्रकाश सोनकर, पूर्व सभासद जगदीश गुप्ता, प्रमोद शर्मा, कन्हैया सेठ, संतोष पटेल आदि लोग मौके पर पहुंच गए और घटना पर गहरा दुख जताया।




