-लगता है हादसे का था इंतजार, चुनार रेलवे स्टेशन पर निर्माणाधीन फुट ओवर ब्रिज बनाने के काम युद्धस्तर पर शुरू
रिपोर्टर इमरान खान की रिपोर्ट
चुनार। चुनार रेलवे स्टेशन पर 6 महिला यात्रियों की मौत के पांच दिन बाद सोमवार को प्रयागराज से आलाधिकारी घटना स्थल की जांच करने पहुंचे। मिली जानकारी के घटना स्थल की जांच करने चुनार रेलवे स्टेशन पर पहुंचे अधिकारियों में आरपीएपफ डीआईजी एम. सुरेश, सी.सी.एम./पीएफ वसंत कुमार शर्मा, सी.ई.एल.ई./एनसीआर आनंद सिंह, सी.ई./पीएनडी विनीत श्रीवास्तव के अलावा चुनार रेलवे स्टेशन के अधिकारी आरपीएपफ इंस्पेक्टर राजीव राणा, जीआरपी इंचार्ज आर.एस. यादव और स्टेशन अधीक्षक मेजर सिन्हा आदि लोग शामिल थे। इन अधिकारियों ने हादसे के स्थान को बारीकी से जांचा और स्थानीय अधिकारियों से पूरी जानकारी ली। उधर अधिकारियों ने हादसे के कारणों पर विस्तार से मंथन किया। इसमें सबसे अहम बात सामने आई कि यहां रेलवे प्रशासन ने प्लेटफार्म पांच पर फुटओवर ब्रिज का काम पूरा कर लिया है लेकिन बस अड्डे तक इस पुल को बनना था जो आधा अभी भी अधूरा है।
स्थानीय लोगों को कहना है कि रेलवे प्रशासन ने अपने हिस्से काम करीब पूरा कर लिया है लेकिन डीएफसी ने अपने हिस्से का काम पूरा नहीं किया जिससे फुटओवर ब्र्रिज का काम अधूरा पड़ा है। महत्वपूर्ण बात यह है कि डीएफसी ने चुनार रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली चारदीवारी की उंचाई 3 फुट है। जिसे आराम से फांदकर आम लोग रेलवे लाइन पार करके इधर से उधर जाते है। इससे आए दिन हादसा हुआ करता है। कई लोग इस करण रेलगाड़ियों से कटकर मर चुके हैं। उधर यह बन रहा ब्रिज चुनार बस अड्डे को जोड़ता है। लेकिन पुल नहीं बनने से आम लोग रेल लाइन पार रेलवे स्टेशन पर आते जाते हैं। आलाधिकारियों ने हादसे के बाद से सबक लेते हुए इस ब्रिज को बनाने के काम में तेजी लाने के आदेश दिए है। इससे अब ब्रिज के बनने का काम तेजी से शुरू हो गया है। पहले यह काम बहुत ही धीमी गति से चल रहा था। अब पिलर बनाने का काम तेजी से हो रहा है। अगर पहले ही इस पुल का काम तेजी से करके पूरा कर लिया गया होता तो शायद इस तरह का हादस टल सकता था। लोगों का कहना है कि ब्रिज के बनने के बाद ऐसे हादसों पर रोक लगेगी।




