नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र से चल रहे एक बड़े अवैध कॉल सेंटर घोटाले के सिलसिले में चंद्र प्रकाश गुप्ता को गिरफ्तार किया है, जो अमेरिकी नागरिकों को निशाना बना रहा था। गुप्ता को 13 दिसंबर को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 के तहत गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी प्रतिष्ठित तकनीकी सेवा प्रदाताओं का रूप धारण करके किए गए टेक सपोर्ट धोखाधड़ी की गहन जांच के बाद हुई। ईडीके अनुसार, गुरुग्राम की स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने आरोपी को 24 दिसंबर तक हिरासत में भेज दिया है। गुप्ता, जिसे इस रैकेट का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है, जुलाई 2024 से फरार था, जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने छापेमारी की थी, जिसके बाद उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। ईडी की जांच सीबीआई की दिल्ली स्थित आईओडी ब्रांच द्वारा भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। 19 और 20 दिसंबर को दिल्ली-एनसीआर में 10 जगहों पर की गई तलाशी के दौरान, लगभग 1.75 करोड़ रुपये के गहने, 10 लाख रुपये से ज़्यादा कैश, चार महंगी गाड़ियां, आठ लग्जरी घड़ियां, डिजिटल डिवाइस और कई आपत्तिजनक दस्तावेज़ ज़ब्त किए गए। तलाशी के दौरान, कई जगहों से 220 से ज़्यादा महंगी शराब की बोतलें भी बरामद की गईं, जो आवासीय सीमा से कहीं ज़्यादा थीं। इस मामले की सूचना राज्य आबकारी विभाग को दी गई है, और अलग से एफआईआर दर्ज की गई हैं। इस बीच, अर्जुन गुलाटी, अभिनव कालरा और दिव्यांश गोयल सहित अन्य मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं।




