फरीदाबाद। सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय के बाहर बुधवार को गांव बडौली और पहलादपुर के ग्रामीणों ने अपने मकानों को बचाने की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए डीसी को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों का कहना है कि अब तक न तो प्रशासन, न सरकार और न ही किसी मंत्री की ओर से उन्हें कोई ठोस आश्वासन मिला है। इससे उनकी चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। महिलाओं ने खास तौर पर गांव क्षेत्र में हो रही तोड़फोड़ को तुरंत रोकने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वर्ष 2009 में उनके मकानों और लाल डोरे के आसपास की जमीन का गलत तरीके से अधिग्रहण किया गया था, लेकिन आज तक उन्हें किसी तरह का मुआवजा नहीं दिया गया। ग्रामीणों ने कहा कि वे वर्षों से इन मकानों में रह रहे हैं, बावजूद इसके सेक्टर विकसित करने के नाम पर अब घर तोड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी हाल में वे अपने मकानों को टूटने नहीं देंगे।
गांव बडौली में ‘घर बचाओ संघर्ष समिति’ के बैनर तले पिछले करीब एक महीने से धरना-प्रदर्शन चल रहा है। समिति के प्रतिनिधि वीरपाल ने बताया कि इस दौरान ग्रामीणों ने केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर और हरियाणा सरकार के मंत्री राजेश नागर से भी मुलाकात की, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान या लिखित आश्वासन नहीं मिला।
वीरपाल ने कहा कि लघु सचिवालय पर प्रदर्शन कर डीसी को सौंपे गए मांग पत्र में साफ लिखा गया है कि ग्रामीणों के घर न तोड़े जाएं और उन्हें न्याय दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए लघु सचिवालय के बाहर माहौल तनावपूर्ण रहा, हालांकि प्रशासन की मौजूदगी में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी रही।




