गाजियाबाद। गाजियाबाद पुलिस ने गुरुवार को कहा कि पुलिस अधिकारियों की एक डेडिकेटेड टीम अब तीन खास हिस्सों को मैनेज करेगी, जहां सड़क हादसों के दौरान मौत की दर ज़्यादा होती है। इसने “क्रिटिकल कॉरिडोर” की पहचान दिल्ली-मेरठ रोड, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे-9 के तौर पर की है।अधिकारियों ने कहा कि सीसीटी टीमों को बॉडी-वॉर्न कैमरे, स्पीड लेज़र गन, ब्रेथ एनालाइज़र, डेसिबल मीटर और दूसरे इक्विपमेंट से लैस किया गया है।अधिकारियों ने कहा कि मोदीनगर में दिल्ली-मेरठ रोड एरिया, वेव सिटी के पास डीएमई स्ट्रेच और आईएमएस कॉलेज के पास से मसूरी तक एनएच-9 स्ट्रेच पर अब एक डेडिकेटेड “क्रिटिकल कॉरिडोर टीम” (सीसीटी) मौजूद रहेगी, ताकि “ज़ीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट” पक्का किया जा सके। तीनों जगहों की पहचान 2022 से 2025 तक हुए एक्सीडेंट के आंकड़ों के आधार पर की गई है।डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (ट्रैफिक) त्रिगुण बिसेन ने कहा, “तीनों एरिया में एक डेडिकेटेड सीसीटी होगा, जिसमें एक सब-इंस्पेक्टर और चार कांस्टेबल होंगे। टीम सबसे पास के पुलिस स्टेशन से जुड़ी होगी और किसी भी एक्सीडेंट की स्थिति में एक्टिवेट हो जाएगी। बिसेन ने आगे कहा, “उनका काम घायल लोगों को हेल्थकेयर सेंटर तक पहुंचाना और हाईवे पेट्रोल टीमों और एम्बुलेंस को अलर्ट करना होगा। इसके अलावा, वे केस की जांच भी करेंगे और एक्सीडेंट के पीछे के कारणों का पता लगाएंगे और रोड इंजीनियरिंग में किसी भी बदलाव का सुझाव देने के लिए पूछताछ भी करेंगे।
अधिकारियों ने कहा कि सीसीटी टीमों को बॉडी-वॉर्न कैमरे, स्पीड लेजर गन, ब्रेथ एनालाइजर, डेसिबल मीटर और दूसरे इक्विपमेंट से लैस किया गया है। उन्हें एक्सीडेंट के दौरान फर्स्ट-एड की ज़रूरतों के बारे में भी ट्रेनिंग दी गई है। डीसीपी ने आगे कहा कि सीसीटीज लगाने का मुख्य मकसद एक्सीडेंट और सड़क हादसों में कमी लाना है। ये डेडिकेटेड टीमें होंगी और गाजियाबाद के संबंधित सबसे पास के पुलिस स्टेशन से जुड़ी होंगी।”ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, मोदीनगर इलाके में 1 जनवरी से 30 नवंबर, 2025 तक 46 अलग-अलग सड़क हादसे हुए, जिससे इतनी ही मौतें हुईं। बाकी दो हिस्सों के बारे में यही जानकारी तुरंत नहीं मिली।अधिकारियों ने कहा कि 2023 के मुकाबले 2024 में सड़क हादसों में 4.1% की बढ़ोतरी हुई है, जबकि गाजियाबाद में एक्सीडेंट में घायल होने वालों की संख्या 9.8% बढ़ी है।ट्रैफिक पुलिस के ऑफिशियल आंकड़ों के मुताबिक, इस साल 1 जनवरी से 31 अक्टूबर के बीच गाजियाबाद जिले में 328 सड़क हादसों में मौतें हुईं और 712 लोग घायल हुए।
गाजियाबाद पुलिस तीस से अधिक लोगों की मौत वाले दुर्घटना स्थलों को मैनेज करेगी




