गाजियाबाद। ईंट भट्टा कारोबारी महिला के साथ शराब पीकर धौंस जमाने और हंगामा करने के मामले में पुलिस ने दो दरोगाओं पर कार्रवाई की है। जांच में सामने आया कि दोनों दरोगा दूसरे थाना क्षेत्र में महिला के साथ कार में शराब पी रहे थे। इसी दौरान घर और दुकानों के बाहर रात में कार खड़ी करने को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद महिला ने वीडियो बनाकर हंगामा किया।
डीसीपी देहात सुरेंद्रनाथ के मुताबिक, दरोगा जितेंद्र राघव को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि दरोगा विमल कुमार को लाइन हाजिर किया गया है। मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
पीड़ित पर ही दर्ज कर दिया गया केस
21 दिसंबर की रात मोदीनगर थाना क्षेत्र के बुदाना निवासी अभिषेक नेहरा अपने घर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि उनके गेट के सामने रैम्प पर दो कारें खड़ी थीं। एक कार में मुंद्रेश नाम की महिला और दो दरोगा शराब पीते हुए बैठे थे। दूसरी कार में कुछ अन्य लोग मौजूद थे। कारों की वजह से घर में वाहन ले जाना मुश्किल हो रहा था, इसलिए अभिषेक ने गाड़ी हटाने को कहा।
आरोप है कि इस पर दरोगा जितेंद्र राघव ने वर्दी का रौब दिखाते हुए गालियां दीं और थाने ले जाने की धमकी दी। महिला भी कार से उतरकर अभद्र भाषा में बोलने लगी। स्थिति बिगड़ती देख एक दरोगा ने महिला को वापस कार में बैठाया और सभी वहां से चले गए।
वीडियो में खुलेआम धमकी और बदतमीजी
घटना का वीडियो सामने आया है, जिसमें महिला खुद को वकील बताते हुए युवक को धमका रही है। वह कहती दिख रही है कि सड़क किसी के बाप की नहीं है, एसएचओ को बुलाने की चुनौती देती है और जाति व पैसे के दम पर दबदबा दिखाने की बात करती है। वीडियो में महिला लगातार ऊंची आवाज में अपशब्द बोलती और धमकियां देती नजर आती है।
दरोगाओं की भूमिका पर सवाल
हंगामे के बाद महिला और दोनों दरोगा निवाड़ी थाने पहुंचे। वहां महिला की तहरीर पर उल्टा अभिषेक नेहरा और एक अन्य युवक के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर दिया गया। आरोप है कि महिला ने झूठी कहानी गढ़ते हुए खुद को डरी हुई बताया और कहा कि युवकों ने जबरन गाड़ी से उतरने की कोशिश की।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले की दोबारा जांच की। जांच में सामने आया कि घटना स्थल दूसरे थाना क्षेत्र का था, फिर भी निवाड़ी थाने में तेजी से केस दर्ज किया गया। इस पर थाना प्रभारी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिनके खिलाफ अलग से जांच शुरू कर दी गई है।
महिला पर पहले से दर्ज हैं मामले
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, महिला मुंद्रेश और उसके पति के खिलाफ पहले से धोखाधड़ी, चेक बाउंस और मारपीट से जुड़े मामले दर्ज हैं। फिलहाल पूरे प्रकरण में फर्जी रिपोर्ट, पुलिस की भूमिका और नियमों के उल्लंघन की जांच जारी है।




