गाजियाबाद। अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस पर ग्रेस केयर आश्रम, कनावली इंद्रापुरम में मंगलवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। वंदे भारत राष्ट्रवादी संगठन के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की राष्ट्रीय अध्यक्ष वंदना सोनी ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकना सिर्फ कानून का काम नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने महिलाओं और बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान पर जानकारी देते हुए कहा कि स्त्री सुरक्षा के साथ सम्मान की भी हकदार है। उन्होंने कहा कि हिंसा, हत्या और दुष्कर्म की बढ़ती घटनाएं बताती हैं कि असली चुनौती कानून लागू करने से अधिक समाज की सोच में बदलाव लाने की है।
जागरूकता और संवेदनशीलता पर जोर
वंदना सोनी ने कहा कि अपराध वहीं जन्म लेता है, जहां संवेदनाएं कमजोर होने लगती हैं। इसलिए जरूरी है कि हर बालिका को कानून की समझ दी जाए और आत्मरक्षा प्रशिक्षण को स्कूलों और कॉलेजों में अनिवार्य किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यह शिक्षा केवल लड़कियों तक सीमित न रहे, लड़कों को भी सम्मान, समानता और सह-अस्तित्व के मूल्य सिखाए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि अपराध तब कम होंगे जब समाज गलत कार्यों के प्रति स्पष्ट विरोध दर्ज करे और हर व्यक्ति किसी भी कदम से पहले उसके परिणामों पर विचार करे।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस के तहत वंदे भारत राष्ट्रवादी संगठन आगे भी ऐसे जागरूकता अभियानों को जारी रखेगा।




