नोएडा। सेक्टर 16ए के संस्थागत भूखंड पर बकाया लीज रेंट को लेकर गेल और प्राधिकरण के बीच चल रहा विवाद बोर्ड बैठक में खत्म हो गया, जहां प्राधिकरण ने साधारण ब्याज लगाने की कंपनी की मांग खारिज करते हुए साफ किया कि चक्रवृद्धि ब्याज की मौजूदा गणना लीज डीड की शर्तों के मुताबिक है और इसे बदला नहीं जा सकता। 1992 से 2025-26 तक लीज रेंट का बकाया 88 लाख और ब्याज 6.5 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। प्राधिकरण का कहना है कि इस प्लॉट पर कभी सप्लीमेंट्री डीड नहीं बनी, इसलिए पुराने आधार पर ही रेंट चलता रहा और ब्याज की वसूली पूरी तरह वैध है।




